भारतीय ज्ञान प्रणाली: परंपरा, विज्ञान और समकालीन प्रासंगिकता
DOI:
https://doi.org/10.69889.IMBS-2(1)Subjects/Theme:
भारतीय ज्ञान प्रणाली, वेद, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, योग, NEP 2020, सतत विकास, पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक विरासतDescription
भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम, समृद्ध और बहुआयामी बौद्धिक धरोहरों में से एक है, जिसने हजारों वर्षों से मानव सभ्यता के विकास को दिशा प्रदान की है। यह परंपरा केवल ज्ञान के संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के समग्र दृष्टिकोण—शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक और आध्यात्मिक—को समझने और उसे संतुलित करने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहाँ मानव समाज अनेक जटिल चुनौतियों—जैसे पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव, सामाजिक असंतुलन और नैतिक मूल्यों के ह्रास—का सामना कर रहा है, वहाँ भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता पुनः स्थापित हो रही है।
यह पुस्तक भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न आयामों—दर्शन, आयुर्वेद, गणित, शिक्षा, योग, पर्यावरण, संस्कृति और आधुनिक संदर्भ—का एक समग्र एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि भारतीय ज्ञान केवल अतीत की विरासत नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्धांत है। पुस्तक के प्रत्येक अध्याय में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक संदर्भ के बीच एक सशक्त संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया है, जिससे पाठक भारतीय ज्ञान प्रणाली की गहराई और उसकी व्यावहारिक उपयोगिता को समझ सकें।
विशेष रूप से, इस पुस्तक में नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के संदर्भ में भारतीय ज्ञान प्रणाली के पुनर्स्थापन और उसके शैक्षणिक महत्व को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही, योग, आयुर्वेद, सतत जीवनशैली और पर्यावरणीय संतुलन जैसे विषयों के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि भारतीय ज्ञान प्रणाली आधुनिक समस्याओं के समाधान में किस प्रकार सहायक हो सकती है।
CONTENT'S
अध्याय 1:
भारतीय ज्ञान प्रणाली का परिचय
ओम प्रकाश कुड़ी
अध्याय 2:
वैदिक ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
डायालाल पाटीदार
अध्याय 3:
भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा
प्रदीप सिंह चौहान
अध्याय 4:
आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली
तरुण बिंदा
अध्याय 5:
भारतीय गणित और वैज्ञानिक परंपरा
सुमेर खटाना
अध्याय 6:
योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य
गणेश दान चारण
अध्याय 7:
भारतीय शिक्षा प्रणाली (गुरुकुल परंपरा)
भंवरलाल शर्मा
अध्याय 8:
भारतीय कला, संस्कृति और ज्ञान
शक्ति प्रसन्न बीठू
अध्याय 9:
पर्यावरण और सतत विकास में भारतीय ज्ञान
जयेश कुमार पाटीदार
अध्याय 10:
आधुनिक युग में भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता
ओमप्रकाश सैनी